संतोष गंगवार ने क्यों कहा कि रोज़गार के अवसरों की नहीं बल्कि उत्तर भारतीयों में योग्यता की कमी! संतोष गंगवार साहब ने कहा है कि नौकरियों की कमी नहीं है बल्कि उत्तर भारतीयों में योग्यता की कमी है। उनका यह बयान शासन चलाए रखने की प्रैक्टिस का एक हिस्सा मात्र है। दरअसल, ऐसा कहकर वो न केवल रोज़गार के मोर्चे पर विफल अपनी सरकार को बचाने की कोशिश कर रहे हैं बल्कि बेरोज़गार युवाओं में सेंस ऑफ इनफीरियरटी (हीनता का भाव) भी विकसित करना चाहते हैं। एक बार यह सेंस (भाव) विकसित हो जाए तो सवाल खत्म हो जाते हैं। और सवाल खत्म तो शासन आसान। कमांड करने के लिए सेंस ऑफ इनफीरियरटी विकसित कराना ज़रूरी समाज में भगवान को लेकर भी यही सेंस डिवेलप कराया जाता है। इस सेंस ऑफ इनफीरियरटी से सेंस ऑफ इनसिक्योरिटी विकसित होती है औऱ यहीं उस आधार का निर्माण होता है, जो समूह विशेष पर कमांड करने के लिए ज़रूरी है। बचपन से ही इस प्रक्रिया को महसूस किया जा सकता है। बेटा…वहाँ मत जाओ..वहाँ भूत है…बाहर मत जाओ…बाहर बाबा लोगो बच्चा उठा के ले जाते हैं। - इस तरह की बातों से बच्चों में असुरक्षा की भावना डाली जाती है। ...