किसानों के बाद अब युवाओं ने ठान लिया है कि राज्यों और अपनी-अपनी भर्ती परीक्षाओं की सीमाओं को तोड़कर एकीकृत आंदोलन करेंगे और बेतहाशा बढ़ी बेरोज़गारी पर सरकार को घेरेंगे। बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ काम कर रहे युवा हल्ला बोल ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से पोस्ट करते हुए सूचना दी है कि 24 मार्च को इलाहाबाद में युवाओं की महापंचायत होगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे और बेरोज़गारी का दंश झेल रहे युवा इस पंचायत में शिरकत करेंगे। समस्या किसी एक भर्ती परीक्षा या आयोग में नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था में युवा हल्ला बोल के संयोजक अनुपम ने बातचीत में हमें बताया, “युवा धीरे-धीरे समझ रहे हैं कि समस्या किसी एक भर्ती परीक्षा या किसी एक आयोग से जुड़ा हुआ नहीं है। समस्या पूरी व्यवस्था में है, जिसके ज़रिए नौकरियाँ लगातार कम हो रही हैं।” युवाओं को इस व्यवस्था ने कमज़ोर किया है और आश्रित बनाकर छोड़ दिया है। क्यों नहीं बेरोज़गारी का मुद्दा सरकार को डरा पाती है? गौरतलब है कि आए दिन कर्मचारी चयन आयोग, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग , बिहार शिक्षक भर्ती , मप्र ...