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युवाओं के भविष्य को अंधकार में डाल रही मोदी सरकार, हरियाणा-पंजाब में रोजगार की स्थिति बद से बदतर- अनुपम

'युवा हल्ला बोल' के राष्ट्रीय संयोजक सह युवा नेता अनुपम रविवार को हरियाणा, पंजाब एवं चंडीगढ़ की सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार पर हमलावर रहे। बेहद आक्रोश के साथ कहा की युवाओं का भविष्य अंधकार में डाला जा रहा है। युवाओं को डिग्री प्राप्त करने के बाद भी रोजगार नहीं मिल रही है जो की अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। 'युवा हल्ला बोल' देश के अन्य राज्यों के साथ साथ हरियाणा, पंजाब एवं चंडीगढ़ के युवाओं को भी रोजगार दिलाने के लिए आवाज़ बुलंद करेगी। इसमें मुख्य रूप से सरकारी भर्तियों में हो रही देरी, नौकरियों में कटौती और रोज़गार के सवाल पर अभ्यर्थियों के साथ चर्चा की जाएगी।   यह भी पढ़े-  मध्य प्रदेश के शिक्षकों और कितना करना होगा इंतजार, तीन साल से सरकार के सामने लगा रहे अर्जियां   संगठन द्वारा देश के बड़े शहरों सहित राज्यों की राजधानी में युवा महापंचायत का आयोजन चल रहा है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 27 अप्रैल को कार्यक्रम होने जा रही है। जबकि राजधानी दिल्ली में 14 अप्रैल के कार्यक्रम के लिए प्रशासन से अनुमति की प्रक्रिया चल रही है। कई विभागों में रिक्तियों के बावजूद सरकार बहाली ...

मंहगाई से जनता त्रस्त, मोदी सरकार मस्त, सरकार की प्राथमिकताओं में सिर्फ पूंजीपतियों का भला

  सपा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से राज्यसभा में पूछा कि नेपाल और श्रीलंका में भारत से सस्ता पेट्रोल है, फिर यहां मंहगा क्यों। पेट्रोलियम मंत्री खड़े हुए उन्होंने कहा- बांग्लादेश व नेपाल में ₹57 से ₹59 रुपए प्रति लीटर केरोसीन मिलती है। भारत में केरोसीन की कीमत  ₹32 प्रति लीटर है।    पिछले सात सालों से देश में यही हो रहा है, आप सवाल कुछ करेंगे जवाब कुछ मिलेगा। विरोध करेंगे तो देशविरोधी और विकासविरोधी बन जाएगें। आज कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड 63.57 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है। एक बैरल में 159 लीटर तेल आता है, एक डॉलर की कीमत आज 72.60 रुपए है। ऐसे में एक लीटर कच्चे तेल की कीमत 29 रुपए पड़ी। लेकिन आज देश के कई हिस्सों में पेट्रोल के दाम 90 से 100 के बीच में पहुंच गए हैं।    यह भी पढ़ें :  BPCL एक ऐसी मुर्गी जो रोज दे रही सोने का अंडा, सरकार ज्यादा अंडे पाने के लिए देने जा रही 'बलि'   आप कांग्रेस गवर्नमेंट पर नजर डालेंगे तो पता चलेगा कि साल 2009 से 2014 के बीच कच्चे तेल के दाम 70 से 110 डॉलर के बीच रहे। लेकिन पेट्रो...

पत्रकारों को गिरफ्तार करके किसान आंदोलन को कुचलने का ख्याब छोड़ दे मोदी सरकार

  एक ईमानदार पत्रकार की जिंदगी चुनौतियों से भरी होती है। उसकी पहली और बड़ी चुनौती है कि वह सच्चाई के साथ खबर को जनता तक पहुंचा सके। इसके लिए उसे बहुत मशक्तत नहीं करनी पड़ती क्योंकि जो दिख रहा उसे उसी तरह से पेश कर देना आसान है, कठित तो ये है कि खबर को घुमाकर, काट-छांटकर जनता के सामने इस उद्देश्य के साथ पेश करना कि वह गुमराह हो जाए। किसान आंदोलन में कुछ ऐसा ही हो रहा है। एक बड़ी संख्या काट-छांट के साथ खबर पेश कर रही है तो मुट्ठीभर लोगों की संख्या मुट्ठी बांधकर जो जैसा दिख रहा उसे वैसा पेश कर दे रही है।    पत्रकार मनदीप पुनिया   की गिरफ्तारी को देखिए। एक फ्रिलांस पत्रकार जो अपने शौक के लिए रिपोर्टिंग करता है। दो महीने से किसान आंदोलन को कवर करने के लिए सिंघु बॉर्डर पर मौजूद है,  29 जनवरी को करीब 60 लोगों की भीड़ हाथ में डंडे और पत्थर लेकर आती है और किसानों पर हमला करने लगती है। पुलिस उन्हें ऐसा करने से रोकने की कोशिश ही नहीं करती बल्कि उन्हें एक तरह से बैकअप दिया जा रहा था। अन्य मीडिया संस्थानों ने दिखाया कि आंदोलनकारियों के खिलाफ स्थानीय लोग गुस्से में है वह...

लाल किले पर खालसा का झंडा फहराने वाला दीप सिद्धू भाजपाई? 24 घंटे बाद भी गिरफ्तारी क्यों नहीं?

  पूरा देश 26 जनवरी को जब 72वां गणतंत्र दिवस मना रहा था तब करीब 10 लाख किसान 3 लाख ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में परेड कर रहे थे। दोपहर तक सबकुछ बढ़िया चला लेकिन अचानक स्थिति बदली और आंदोलन में किसानों व पुलिसकर्मियों के बीच झड़प शुरु हो गयी। ये सब हो ही रहा था तभी एक कुछ ऐसा हुआ जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया। प्रदर्शन में शामिल दीप सिद्धू ने   लाल किले की प्रचीर पर खालसा का झंडा फहरा दिया । ये एक ऐसी घटना थी जिसने गोदी मीडिया को मौका दे दिया और उसने पूरे आंदोलन को हिंसक बताने में लग गई, अपने घिनौने मंसूबों में वह कामयाब भी हो रही है। खैर बड़ा सवाल ये है कि ये   दीप सिद्धू है कौन ?  एक लाइन में कहूं तो ये भाजपा कार्यकर्ता है। जो   2019 के लोकसभा चुनाव में बॉलीवुड अभिनेता सन्नी देओल   के लिए प्रचार किया करता था। सन्नी देओल के लिए रैलियों में जनता को संबोधित करता और उनसे भाजपा को वोट देने की अपील करता। जैसे ही लाल किले पर खालसा का झंडा लगाने की खबर आई सन्नी देओल ने ट्वीट करके सफाई दी कि उनका और उनके परिवार का दीप सिद्धू से कोई...

आखिर दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों ने कोरोना का टिका लगवाने से क्यों कर दिया मना?

  कोरोना महामारी के बीच 16 जनवरी 2021 का दिन भारत के लिए ऐतिहासिक रहा। पूरे देश में एक साथ   वैक्सीनेशन का काम शुरु हुआ । हर राज्यों के लगभग हर जिलों में बूथ बनाए गए जहां लोगों को महामारी से बचाव हेतु टिका लगाया गया। भारत ने दो वैक्सीन को आपतकालीन मंजूरी दी है। पहली ऑक्सफर्ड-एस्ट्राजेनका की बनी कोविशील्ड और दूसरी भारत बायोटेक की कोवैक्सीन। कोविशील्ड भी देश के भीतर पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में बनी। कोविशील्ड को लेकर तो कोई दिक्कत नहीं है लेकिन कोवैक्सीन को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं।    शनिवार को जब टिकाकरण की शुरुआत हुई तो दिल्ली के राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने कोवैक्सीन का टीका लगवाने से मना कर दिया। अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों ने मेडिकल सुपरिटेंडेंट को एक चिट्ठी लिखी है उसमें उन्होंने लिखा- ' हमें पता चला है कि भारत बायोटेक की बनाई कोवैक्सीन को कोविशील्ड पर प्राथमिकता दी जा रही है, हम आपकी जानकारी में लाना चाहते हैं कि रेजिडेंट डॉक्टर्स भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के अधूरे ट्रायल को लेकर सशंकित हैं, मुमकिन है कि वे वैक्सीनेशन...

जिन मुसलमानों ने देश की आजादी में सबसे आगे कुर्बानी दी उन्हें 'दोयम दर्जे' का नागरिक बनाने पर क्यों तुली है भाजपा?

  दोस्ती व भाईचारा के बीच कोई दीवार ना लाएंगे तुम राम नाम का जाप करों, हम दरगाह में चादर चढ़ाएंगे... क्या ऊपर लिखी छोटी सी दो पंक्तियाँ गलत हैं? क्या ये दो पंक्तियाँ हमें धर्म परिवर्तन करने को कह रही? क्या ये दो पंक्तियाँ एक सही कदम नहीं?   नए भारत में मुसलमानों की स्थिति बदल रही है, देश में मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफ़रत फैलाने के लिए हमेशा मौक़े की ताक पर रहने वाले कुछ तत्व उन्हें दबाने में लगे रहते हैं, बहुत ही सुनियोजित ढंग से RSS के अलावा सभी आवाज़ों को दबा दिया गया है।   इतिहास (भारत की आज़ादी से शुरुआत करते हैं) युसूफ मेहरली ही वो शख्स थे जिन्होंने 'Quit India' यानी भारत छोड़ो का नारा दिया था, ये वही नारा था जिसे गांधीजी ने 1942 में भारत की आजादी के लिए छेड़े गए सबसे बड़े आंदोलन के लिए अपनाया था। मुसलमानों ने भारत की आज़ादी में बहुत ही क्रांतिकारी भूमिका निभाई थी, असहयोग आंदोलन की भी शुरुआत उन्होंने ही की थी, बैरिस्टर आसिफ अली ने भगत सिंह का केस तब लड़ा था जब कोई भी भगत सिंह का साथ देने को तैयार नहीं था, हसरत मोहानी वो शख्स थे जिन्होंने 'इंक़लाब जिंदाबाद' का नारा दिया था...

पहले बिना मांगे कानून बनाया अब बिना मांगे कमेटी बना दी, क्या सरकार व सुप्रीम कोर्ट किसानों का भला चाहते हैं?

  11 जनवरी को केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीनों नए कृषि कानूनों के अमल पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने के साथ साथ एक कमेटी का गठन कर दिया है, ये   कमेटी   सरकार और किसानों के बीच जारी विवाद को समझेगी और अगले कुछ दिनों में सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस   कमेटी में कौन लोग है   इसके बारे में हम आपको बाद में बताएंगे, पहले कुछ सवाल जो इस फैसले की मंशा पर सवाल खड़े करते हैं।    11 जनवरी को जब पहली बार सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई तो   चीफ जस्टिस अरविंद बोबड़े ने सरकार से कहा   था कि आंदोलन को लेकर आपका रवैया गलत है, अगर आप कुछ नहीं कर सकते तो हमें कुछ करना होगा। असल में यही सबसे बड़ा पेच फंस गया, 11 जनवरी की शाम को किसानों ने प्रेस रिलीज जारी करके अपना मत स्पष्ट कर दिया। किसानों ने कहा- हम सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हैं कि उन्होंने किसानों की समस्या को संज्ञान लिया। लेकिन किसानों ने ये भी कहा, कि हमारी लड़ाई सरकार से है, हम किसी तरह की   मध्यस्थता नहीं चाहते , मतलब किसान सुप्रीम कोर्ट से किसी त...

…तो क्या मोदी अब कोरोना वैक्सीन को 'भाजपा की वैक्सीन' बनाकर देश में प्रचारित करेंगे?

  कोरोना वैक्सीन आ गई है। अब लगेगी। किसे लगेगी इसी को लेकर मारामारी है। वैक्सीन महामारी पर काबू पा भी लेगी या नहीं इसपर कुछ कहना मुश्किल है लेकिन मोदी हैं तो मुमकिन है वाली चरस जब तक है कोरोना भारतीयों का घंटा कुछ नहीं बिगाड़ सकता। ये बात मोदी जी डंके की चोट पर बोलते हैं।   मोदीजी विश्व नेता   हैं, वो कल को बोल दें कि वैक्सीन लगवाने के बजाय पी लो तो भक्त मीडिया उसे भी जस्टिफाई कर देगी। ये उनका ट्वीट देख लो। भावी राज्यसभा सांसद रजत जी कोवैक्सीन की आलोचना करने वालों को बता रहे हैं कि   190 देशों ने इस वैक्सीन की 2 अरब डोज बुकिंग करवाई है । इसलिए गलतफहमियों का शिकार न हों.   इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च यानी   ICMR   ने कोरोना की दो वैक्सीन को आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दे दी है। काहे का आपतकाल ये समझ से परे हैं। क्योंकि केस तो हर दिन तेजी से कम हो जा रहे हैं। फिलहाल छोड़िए। जिस वैक्सीन को सरकार ने मंजूरी दी है उसमें एक भारत बायोटेक द्वारा निर्मित कोवैक्सीन है। हां वही कोवैक्सीन जिसका ट्रायल हरियाणा के   गृह मंत्री अनिज विज पर किया गया ...

Onion price likely to fall over next few days

Onions remain the butt of jokes nationwide, the good news is that the onion prices have begun declining since Tuesday. The price sharply dropped in Coimbatore on Tuesday, as the wholesale price of onions was Rs 80 to Rs.90 per Kg, as against Rs.150 per Kg just four days back. In Wayanad, the price dropped to Rs.140 a kilo from Rs.155 on Monday. Onion prices  fell by Rs 5-15 per kg in the wholesale market till Monday. As demand for the bulb has dropped and supplies are likely to increase further prices may come down further, said an APMC official.    Reason for price rise   Onion prices   had soared to a record level in the last few days owing to the poor climatic conditions in key producing states of Maharashtra and Karnataka. After the sudden upsurge in prices of onion, people had started making all sorts of funny jokes on social media platforms like Twitter, Facebook, Instagram and in our day to day conversat...