यूपी के मुरादनगर में एक श्मशान घाट में कुछ लोग एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में पहुंचे थे जहां छत गिरने से करीब 24 लोगों की जान चली जाती है कई लोग घायल भी हो गए। बारिश से बचने के लिए जिस इमारत के नीचे लोग खड़े थे उसे हाल ही में बनाया गया था। हल्की गुणवत्ता के उपकरणों के इस्तेमाल से भवन इतना कमजोर था कि उसकी छत गिर गई। इस बीच एक्शन में यूपी पुलिस, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया कड़ा एक्शन, इलाके में मचा हड़कंप, यूपी के मंत्री ने व्यक्त किया दुख जैसी तमाम हैडिंग आज कल परसो तक न्यूज़ चैनलों में दौड़ती रहेंगी। पर सोचने वाली बात ये है कि आखिर ऐसा हुआ कैसे? गलती किसकी है? क्या पीड़ित परिवार को दो-दो लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करना काफी है? या योगी जी का दुख व्यक्त करना काफी है? अगर यह घटना किसी और राज्य में हुई होती तो? यह भी पढ़ें: गौ रक्षा की बात करने वाले योगी के शासन में गाय के लिए पानी नहीं, प्रधान बोले- फंड दीजिए वरना छोड़ देंगे पशु यूपी की कानून व्यवस्था पर सवाल लगातार उठते रहते है, विपक्ष सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा। देखा जाए तो मुरादनगर में 'करप्शन' की ही छ...