अंतिम चार चरणों के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रेषित सूची ने पार्टी में बड़े बवाल को न्यौता दिया। दरअसल काशीपुरा-बेलगछिया से तरुण साहा और चौरिंगी विधानसभा से शिखा मित्रा को टिकट दिया गया। इसके बाद इन दोनों ने बीजेपी में होने या बीजेपी के टिकट से चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया। इससे पहले टिकट वितरण को लेकर बीजेपी आंतरिक कलह का शिकार भी हो चुकी है। इन घटनाक्रमों ने एक बड़ा सवाल पैदा कर दिया है। सवाल ये कि क्या बीजेपी के पास चुनाव लड़वाने के लिए उम्मीदवार तक नहीं हैं? अगर ऐसा है तो किस आधार पर अमित शाह 200 से अधिक सीट जीतने का दावा कर रहे हैं।पहले ओपीनियन पोल और अब टिकट वितरण को लेकर भाजपा की समस्या ये छवि गढ़ रही है कि बंगाल चुनावों की दौड़ में पार्टी पिछड़ चुकी है। दहाई का आँकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी बीजेपी इन हालात में प्रशांत किशोर का एक पुराने ट्वीट की चर्चा की जानी चाहिए। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने 21 दिसंबर को एक ट्वीट कर लिखा था कि “समर्थित मीडिया के द्वारा चाहे कितना भी प्रचार क्यों न करवा लिया जाए, वास्तविकता ये है क...