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National News: Generating sense on national integration

“News is to the mind as sugar is to the body”, swiss author Rolf Dobelli has said this line and clearly portrayed the significance of news in a person’s life. Actually world around us is moving in a fast pace and it is necessary to cope up with the constant evolution in the society. Luckily in today’s time communication have made it quite easy, and among these modes news is playing a vital role because of which international as well as  national news of India  is approachable with a single click.  News is important for multiple reasons; mainly to unfurl social reality and conditions to a common man in an explicit manner. It is playing an indispensable role in our busy lives and is serving the updates of the whole world on our tea table. It has turned into the major medium of providing and circulating the information and connect people. Molitics is also marking its contribution to such connectivity; we provide all the National news of India on a single platform. We a...

Molitics - Raise Your Voice to Break Through Silence

We are living in the biggest democracy of the world. Our system of governance is of the people, by the people and for the people. But still there exists several social problems and political issues. The main worry is the lack of a platform where people can Raise their voices. In recent times, Media houses have become the mouthpiece of government. Killing the voice of the people just to please political gods has been a regular practice by so called journalism centres. In these situations, a platform dedicated to the issues and problems of the people is utterly needed. Molitics - The first ever sociopolitical media is that much needed platform. This is available on iOS and Google Play Store. In the application, there is a feature called Public Issues . Under this, a user can raise his voice, upload pictures/videos and tag the concerned leaders. This feature can be seen as a complaint box where you can share complaint against Leaders /Elected Representative. This feature is inte...

Atal ke BJP aur Maujooda BJP me kya Badla

'चरित्र' की कमजोर भाजपा, 'लक्ष्य की मजबूत' है !   'अपने लक्ष्य पर डटे रहना बड़ी बात है' पिछले दिनों एक खत मिला और उसमें यही बात लिखी थी. फिर तुम्हारा लक्ष्य बाल हो, बारू हो या फिर लादेन ही क्यों नहीं. बस डेट रहो और निशाना साधो. फिर जीत मिले या हार मिले  इसपर कोई ऐतबार नहीं  राह तुम कोई चुनों, बस डटे रहो फिर देखो, तुम जैसा कोई मझधार नहीं.     यह भी जरूर पढ़ें :  370, नेहरू, PoK... शाह ने यूं कांग्रेस को घेरा, J&K बिल पास 370 हटाने के बाद लोग कश्मीर पर चर्चा कर रहे हैं. किसी की तीखी टिपण्णी है, तो कोई व्यंग कर रहा और बचे-खुचे 'ललकार' रहे हैं. 5 अगस्त 2019 को जो भी हुआ उसपर टिपण्णी करना और अपनी राय रखना मैं नादानी, नासमझी और बचकानी हरकत से तौलता हूँ. इसलिए मैं लेख में कश्मीर के संदर्भ में 'मौजूदा भाजपा' की बात करूँगा. चर्चे में कश्मीर ज़रूर होगा लेकिन विषय केंद्रित भाजपा पर होगा.  यह भी जरूर पढ़ें :  मनुवादी सोच पायल तदवी की आत्महत्या की जिम्मेदार है! 'भाजपा' पर ही क्यों ? दरसल हमने वो दौर देखा. जब भाजपा राम मं...

Delhi most unsafe state of India

दिल्ली देश का 'कैपिटल' नहीं 'रेप कैपिटल' है !   राष्ट्रीय राजधानी में इस साल 15 जुलाई तक हर रोज बलात्कार के औसतन 6 मामले और छेड़छाड़ के 8 मामले दर्ज किए गए. दिल्ली पुलिस के आंकड़ों से जो खुलासा हुआ है, उससे स्थिति की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है. आंकड़े बताते हैं कि इस साल 15 जुलाई तक दुष्कर्म के कुल 1,176 मामले दर्ज किए गए हैं. दिल्ली में बलात्कार के नए आंकड़े चौंकाने वाले हैं. इनसे पता चलता है कि राष्ट्रीय राजधानी में निर्भया कांड के सात साल बाद भी महिलाओं की सुरक्षा का हाल कितना चिंताजनक है. लोग समझ नहीं पा रहे कि केंद्र सरकार की दिल्ली पुलिस इतनी बेबस क्यों है. जिस शहर में केंद्रीय गृह मंत्रालय है, उसका हाल अपराध के मामले में इतना भयावह क्यों होता जा रहा है. यह भी देखें :  उन्नाव रेप की पूरी कहानी किसी बड़े थ्रिलर फिल्म से भी ख़तरनाक है! राजधानी में सात साल पहले 23 साल की एक पैरा मेडिकल छात्रा संग चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म किया गया था, जिसके 13 दिन बाद उसकी मौत हो गई थी. इस घटना ने देशव्यापी आक्रोश पैदा कर दिया था. आक्रोश को देखते हुए राजनीतिक ...

Khud Ramabhakt "shree raam" ko dar kee nishaanee bana denge!

खुद रामभक्त "श्री राम" को डर की निशानी बना देंगे!   अगर आपकी दाढ़ी खास करीने से बढ़ी हुई है, आप मूँछ नहीं रखते और सिर पर खास टोपी पहनते हैं; मतलब अगर आप सीधे तौर पर मुसलमान दिखते हैं, तो कभी भी और कहीं भी एक भीड़ आपको रोक सकती है। आपका नाम पूछ सकती है। आपकी टोपी उतारकार फेंक सकती है और आपसे जबरन जय श्री राम के नारे लगवा सकती है। आपको ये नारा लगाना पड़ेगा। नहीं लगाएँगे तो मारे जाएंगे। दोहरा चरित्र ये है कि मुसलमानों को टोपी फेंकने के लिए मजबूर करने वाली भीड़ में वो लोग भी शामिल होते होंगे जिन्हें फिल्म केसरी में अक्षय कुमार द्वारा पगड़ी न उतारने की ज़िद पागल बना गई थी।  मोदी साहब के पीएम बनने के बाद की घटनाओं में उपर की बातें बहुत कॉमन हैं। पश्चिम बंगाल हो या हरियाणा, बिहार हो या झारखंड, महाराष्ट्र हो या उत्तर प्रदेश लगभग हर राज्य में जय श्री राम का नारा हिंसा का आधार बना।   Read more article: Karnataka Crisis: Can the Governor Dictate Proceedings of the Legislature? क्या जय श्री राम एक आध्यात्मिक/ऐतिहासिक संबोधन है? अगर आप अभिवादन के शब्दों के ऐतिहा...

Molitics Impact Ejaaj Khan Arrested in Mumbai

खबर का असर : एजाज को जाना पड़ा जेल, पायल व ऋषि वेकरिया की हुई जीत ! एजाज खान का एक वीडियो वायरल होने के बाद हिंदूवादी नेता ऋषि वेकरिया ने Molitics से बातचीत के दौरान ऐलान किया था कि अगर प्रशासन ने कोई कार्यवाही नहीं कि तो अंतराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के मुखिया प्रवीण तोगड़िया और रुषि वेकरिया के नेतृत्व में CID क्राइम ब्रांच गांधीनगर के दफ्तर का घेराव किया करेगा. ऋषि वेकरिया ही वो शख्स हैं जिन्होंने पायल रोहतगी के समर्थन में एजाज खान के खिलाफ हल्ला बोला और एजाज को 2 दिन में गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को चेतवानी दी थी. हिंदूवादी नेता रुषि वेकारिया ने एजाज खान पर कि कार्यवाही की मांग !           मामला संज्ञान में आने के बाद हमने ऋषि वेकरिया से सम्पर्क साधा और इस मुद्दे पर हम निरंतर अपडेट दे रहे थे. बता दें आपको कि बीते दिनों एजाज खान ने सुर्खियां बटोरने के लिए एक्ट्रेस के तौर पर काम कर चूंकि पायल रोहतगी पर एक वीडियो के ज़रिए निशाना साधा था। उसके बाद पायल रोहतगी ने एजाज खान के खिलाफ मोर्चा खोला दिया था. जिसके बाद ऋषि वेकरिया जैसे बड़े नेत...

Meerut Migration: Another attempt to emanate the color of communalism

मेरठ में हिन्दू परिवार पलायन क्र रहे हैं. 425 परिवारों में से लगभग 125 परिवार अपना मकान बेचकर जा चुके है। मुद्दा ज़रा गंभीर नज़र आया, पडताल की तो पता चला कि ये किस्सा है मेरठ शहर के बीच स्थित लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के प्रहलाद नगर का जहाँ के रहने वाले दूसरे समुदाय के लोगों को कम दाम पर मकान बेचकर दूसरी किसी जगह पर जा रहे हैं। यहां कई मकानों व प्लाट के गेटों पर अभी भी बिकाऊ लिखा हुआ है।और  इनमें से अधिकांश मकानों की खरीद-बिक्री बीते पांच-छह वर्ष के भीतर हुई है। इस घटना को स्थानीय भाजपा नेता व बूथ अध्यक्ष भवेश मेहता ने सांप्रदायिक रंगों में रंग दिया। भवेश मेहता ने 11 जून को नमो ऐप पर पूरे प्रकरण की जानकारी देते हुए मदद की गुहार लगाई गई थी। इसी के साथ कैराना का किस्सा दोहराने की पूरी कोशिश की गई। पूरा मेरठ इस अफवाह की चपेट में आ गया है। बात योगी आदित्यनाथ तक नहीं रुकी बल्कि भवेश मेहता ने नमो एप पर पूरे प्रकरण की जानकारी देते हुए मदद की गुहार लगाई गई थी। पीएमओ ने यूपी के मुख्यमंत्री कार्यालय को इस बारे में उचित कदम उठाने के लिए कहा गया। यहाँ भी देखें :  सरपंच की ताना...